LETTER WRITING ----6.पृषठांकन ENDORSEMENT
6.पृषठांकन
परिचय व प्रयोग :
जब कोइ कागज मूल रूप से प्रेषक (भजनेवाले) लौटाना हो या किसी अन्य मंत्रालय या सनबद्ध या अधीनस्त कार्यालय को सूचना पाने या टीका टिप्पणी पाने या निपटारा करने के लिए मूल या नकल रूप में भेजना हो , इसके अलावा , जब पत्र पनेवाले के अतिरिक्ति उसकी नकल किसी और को भी भजनी हो तो पृषठांकन का प्रयोग किया जाता है | सामान्यतः पृषठांकन दो प्रकार के होते हैं
1. मूल पत्र पर टिप्पणी लिखकर
2.अलग प्रारूप बनाकर |
नमूना :
संख्या : 731/रा -भा/गृह
भारत सरकार
गृह मंत्रालय ,
राजभाषा विभाग
नई दिल्ली -110001
नई दिल्ली -1
दिनांक :
सेवा में ,
विषय :
प्रिय महोदय ,
ऊपर लिखे विषय पर आपके पत्र संख्या दिनाक के उत्तर में मुझे यह सूचित करने का आदेश मिल है कि
भवदीय ,
(ह )
अवर सचिव
भारत सरकार
संलगन ,
आवश्यक कारवाई /सलाह /सुझाव के लिए निमनलिखित व्याकतियों को प्रतिलिपि प्रेषित की जाती हैं |
1)
2)
3)
(ह )
(अवर सचिव)
भारत सरकार
லேபிள்கள்: HINDI LETTER WRITING

